शरद ऋतु पर आधारित कविता आमन्त्रित

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शरद ऋतु 2019 

प्रारंभ: सोमवार,23 सितंबर , समाप्ति: रविवार, 22 दिसंबर

शरद ऋतु के बारे में :-
शरद में वृष्टि थम जाती है। मौसम सुहावना हो जाता हैं। दिन सामान्य तो रात्रि में ठंडक रहती है। शरद को मनोहारी और स्वस्थ ऋतु मानते हैं। प्रायः अश्विन मास में शरद पूर्णिमा के आसपास शरद ऋतु का सौंदर्य दिखाई देता है।

तुलसीदासजी ने रामचरितमानस में शरद ऋतु का गुणगान करते हुए लिखा है 
बरषा बिगत सरद ऋतु आई। लछिमन देखहु परम सुहाई॥ 

ऋतु संहारम के अनुसार 
'लो आ गई यह नव वधू-सी शोभती, शरद नायिका!

आप साहित्यकार बंधुओं से अनुरोध है  कि शरद ऋतु से संबंधित रचना भेजें जिसे 22 दिसंबर
 से पूर्व प्रकाशित कर सकें. (उत्कृष्ट सभी रचनाओ का ही  चयन किया जायेगा )
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रचना का स्वरूप:-
१.रचना की शीर्षक
२. रचना की विधा
३. रचना
४. रचनाकार :- नाम, राज्य, मोबाइल नम्बर

रचना निम्न पते पर भेजें
kavitabahaar@gmail.com 

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