Showing posts from November, 2019Show All
 आधुनिक शिक्षा की बोझ ढोती है बचपन-DUJRAM SAHU
टूटते सपनों की कसक( Vijiya Gupta samidha)
नारी पर आधारित मनहरण घनाक्षरी (Dr NK Sethi)
भव्य आकर्षक ताजमहल -शशिकला कठोलिया (Bhavya aakarshak Tajmahal)
माधुरी मंजरी- उद्योग(Madhuri manjari)
लौट आओ फिर से मेरी जिंदगी मे(LR Seju Thob Prince)
जय जय देव गणेश,विघ्न हर्ता वंदन है-छप्पय छंद(Sukmoti chauhan Ruchi)
पाप-कुण्डलियाँ छंद(Ramnath sahu Nanki)
आसमान पे सूराख़-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र (aasman pe surakh)
प्रभु ने ऐसी दुनिया बनाई  है-माधवी गणवीर (Prabhu ne aisi duniya banayi hai)
लक्ष्मी तरसही  पाती-पाती बर- दूजराम साहू(Laxmi tarashu pati pati bar)
सेदोका की सुगन्ध-पद्ममुख पंडा स्वार्थी (sedoka ki sungandh)
तांका की महक- पद्म मुख पंडा स्वार्थी (Tanka ki mahak)
हाइकु मंजूषा-पद्म मुख पंडा स्वार्थी (Haiku manjusha)
माँ की याद में....नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
वर्षा जैन "प्रखर"दुर्ग (छत्तीसगढ़)की कविता-आओ मिलकर एक नया ख्वाब सजायें(Aao milkar ek naya khwab sajayen)
रामराज्य  फिर से  आयो -बाँके बिहारी बरबीगहीया (Ram Rajya Fir se Aayo)
कोमल और बेदाग़ होता है बचपन-  विजिया गुप्ता समिधा की कविता (komal aur bedag hota hai bachpan)
 कवयित्री वर्षा जैन "प्रखर" द्वारा रचित प्रदूषण पर आधारित कविता (pollution related poem)
चन्द्रभान 'चंदन' के द्वारा सजाये गये बेहतरीन शेरों का मज़ा लीजिये.... (Chandan sher-o- sayari)
घोर प्रदूषण के दलदल में-विजिया गुप्ता"समिधा"
मुझको तुम याद आये-विजिया गुप्ता "समिधा"
गइया की पुकार-विजिया गुप्ता "समिधा"
मच्छर की ललकार-D Kumar--अजस्र(दुर्गेश मेघवाल)
कवयित्री केवरा यदु "मीरा " की श्रीकृष्ण के प्रति राधाभक्ति अपने गीत में, जरूर पढ़िये..... (Radha pukare tohe)
नारी की सूखे गुलाब की तरह वजूद को बताते कवयित्री विजिया गुप्ता समिधा जी ये रचना, जरूर पढ़िये (mai hu naa)
जम्मू कश्मीर  की कवयित्री कुसुम शर्मा अंतरा जी का बेहतरीन ग़ज़ल (Bhula baithe the ham jinko would aksar yadi water hai)
डॉ एन के सेठी जी के द्वारा माँ पर रचित कुंडलिनी छंद का रसास्वादन लें(Maa- Dr. N. k. sethi)
"मार्ग दुष्कर है,असम्भव नहीं"यह बता रही हैं कवयित्री विजिया गुप्ता "समिधा' अपने कविता "साम्प्रदायिकता" में (sapradayikta)
हरियाणा के कवि विनोद सिल्ला जी अपने कविता के माध्यम से नोटबंदी की वर्षगांठ मना रहे हैं आप भी जानिये कैसे? (Notbandi ki Varshganth)
जय हो छत्तीसगढ़ मैया (Jai ho chhattisgarh maiyya) - श्रीमती शशिकला कठोलिया,
है इश्क तो जुबां से भी कहा करो-माधवी गणवीर, छत्तीसगढ़(Hai ishq to jubaan se bhi kaha karo)
कैसे जन्म लेती है कविता- यह बता रहे हैं नरेन्द्र कुमार कुलमित्र अपने कविता में (kaise janm leti hai kavita)
आखिर क्यों पंछी पिंजरा में बंद होने की याचना कर रही है? नरेन्द्र कुमार कुलमित्र जी यह कविता जरूर पढ़िये (Ek pinjara de do mujhe)
बाँके बिहारी बरबीगहीया द्वारा रचित छठ पर्व आधारित कविता जिसे पढ़कर आपको आनंद मिलेगा(chhath parv kavita)
छत्तीसगढ़ महतारी के महिमा ल बखान करत हे ए छत्तीसगढ़ी कविता, जेला लिखिन हे कवि पुनीत राम सूर्यवंशी जी (chhattisgarh mahtari)
अनेकता में एकता को बताती डॉ एन के सेठी जी की कुंडलिया छन्द( Anekta me ekta)
मोर मया के माटी-राजेश पान्डेय वत्स जी छत्तीसगढ़ी कविता (Mor maya ke mati)
अस्तित्व के लिए प्रेम का बने रहना बेहद जरुरी है यही बताती डॉ सुशील शर्मा जी कविता (prem ka mar jana)
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रचित  दूजराम साहू जी की कविता चलो नवा सुरुज परघाना हे, जरूर पढ़ें ( chalo nava suruj parghana he)
बिहार के कवि बांकेबिहारी बरबीगहीया जी का छत्तीसगढ़ प्रदेश को लेकर जो भावनायें हैं उसे सुंदर ढंग से अपने कविता में पिरोया है .... (Hari ka desh Chhattisgarh)