Showing posts from October, 2019Show All
चलो फिर आज खुश होकर, दिवाली को मनाएँ हम-प्रवीण त्रिपाठी जी की कविता का आनंद लें(diwali ko manaye ham)
छत्तीसगढ़ का वैभव का गुणगान करती हुई कवयित्री शशिकला कठोलिया यह कविता जरुर पढ़िए....(chhattisgarh ka vaibhav)
जब भी सुनता हूँ नाम तेरा- निमाई प्रधान'क्षितिज' का एक ऐसी कविता जो आपका भी मन मोह लेगी(Jab bhi sunta hun naam tera)
हरिश्चंद्र त्रिपाठी 'हरीश ' के द्वारा रचित पैसों की बचत पर बेहतरीन दोहे (world saving day's dohe)
निर्मल नीर के हाइकु(Nirmal Nir ke Haiku)
बाबूलालशर्मा द्वारा रचित भाई दूज पर विशेष कविता ( कुण्डलिया छंद )( Bhaiduj special )
धर्म से धन को अर्जित करने की शिक्षा देती बांकेबिहारी बरबीगहीया की यह कविता आपको एक नई राह देगी (Dharm se Dhan)
विश्व बचत दिवस: मितव्ययता का महत्व बताती वर्षा जैन "प्रखर" की यह शानदार कविता, आप जरूर पढ़िये( World saving Day)
भाईदूज विशेष: एक सैनिक की भाई दूज जब वह बहन के पास नहीं आ पाता तो अपनी बहन के पास ये पैगाम भेजता है जिसे कवयित्री अनिता मंदिलवार सपना ने कविता के माध्यम से व्यक्त की है...(Bhai duj)
कवयित्री विजिया गुप्ता समिधा अपने ख्वाहिशों को कविता के माध्यम से बता रही है जो हर किसी के ख्वाहिशों में शामिल होती हैं...
स्त्री की व्यथा को बताती हुई विजिया गुप्ता समिधा की यह कविता भी द्रवित कर देगी (Vijiya gupta samidha)
गोकुल राम साहू की छत्तीसगढ़ी कविता मातर तिहार मनाने को कह रही है, क्या आप जानते हैं ये मातर तिहार (matar tihar)
आड़े वक्त में पैसों की उपयोगिता बताती हुई रजनी श्री यह कविता (विश्व बचत दिवस)
30 अक्टूबर विश्व बचत दिवस : पैसों की बचत के महत्व पर कुमार जितेन्द्र की कविता
विश्व बचत दिवस: "मितव्ययता कंजूसी नही,समझ लो सब ये बात।"इस भाव को बताती विजिया गुप्ता समिधा की बेहतरीन कविता
अमर पंकज(डाॅ अमर नाथ झा) का दीपावली पर बेहतरीन ग़ज़ल, जरूर पढ़िये
डॉ सुशील शर्मा द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित सुंदर दोहे
गोवर्धन पूजा पर रचित प्रवीण त्रिपाठी जी सुंदर रचना आप जरूर पढ़िये
विनोद सिल्ला के द्वारा रचित "कैसी दीवाली" दीवाली पर्व का अलग रूप दिखा रही है, इसे जरूर पढ़िये
कवि बाँके बिहारी बरबीगहीया द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित कविता ,जो हमें आपस में मिलजुल कर रहने का संदेश देती है
बाबूलाल शर्मा बौहरा द्वारा रचित मार्मिक कविता "चार दीयों से खुशहाली" जिसे पढ़ कर आप भावुक हो जायेंगे
चलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम- प्रवीण त्रिपाठी का बेहद खुबसूरत कविता
कवयित्री कुसुम लता पुंडोरा द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित कविता, जिसमें यह सुंदर ढंग से बताई गई है कि दीपावली कैसे मनाई जाये
प्रकाश पर आधारित बाबू लाल शर्मा,बौहरा के श्रेष्ठ दोहे ,जो हमें सीख देंगे
दीप पर्व आधारित बाबू लाल शर्मा, बौहरा के दो कुण्डलिया छंद
बाबू लाल शर्मा,बौहरा द्वारा रचित गीत प्रीत सरसे ,जो कि शरद ऋतु की मनभावनी दृश्य को प्रस्तुत कर रही है
रूप चतुर्दशी ,छोटी दीवाली पर आधारित बाबू लाल शर्मा,बौहरा द्वारा रचित दोहे जो हर मन छू लेंगे
कवि बाबू लाल शर्मा,बौहरा द्वारा रचित दीपक पर 7 दोहे जो मानव को शिक्षा दे रही है ,आप जरुर पढ़िए
छत्तीसगढ़िया कवि दूजराम साहू के द्वारा रचित "पांच दिन बर आये देवारी" आप सबका मन मोह लेगी, इस कविता का आनंद लीजिये।
कवयित्री वर्षा जैन "प्रखर" द्वारा रचित दीपावली की कविता जो कि आस का दीपक जलाये रखने की शिक्षा दे रही है।
बोधन राम निषादराज "विनायक" द्वारा रचित दीपावली आधारित कविता जो आपका मन मोह लेगी ,जरूर पढ़िये
कवयित्री अर्चना पाठक 'निरंतर' द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित कविता
रे मेरे मन -शशिकला कठोलिया (Re mere man)
कवयित्री विजिया गुप्ता समिधा  द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित कविता
कवयित्री रजनी श्री बेदी द्वारा रचित दीपावली पर कविता
मैं जग का नन्हा दीपक हूँ -डाँ. आदेश कुमार पंकज(mai jag ka nanha dipak hun)
एक स्नेह का दीप जलाए-डॉ एन के सेठी(Ek sneh ka deep jalaye)