Showing posts from May, 2019Show All
कविता मेरी  ऐसी हो(kavita meri aisi ho)
जीवन की है परिभाषा कविता(poetry is the definition of life)
कविता क्या है? (What's poetry)
प्रदीप कुमार दाश "दीपक" द्वारा रचित माँ पर हाइकु(pradeep kumar dash 'Deepak')
करना हो तो काम बहुत हैं(There are so many things to do)
23 मई 19कासभी को इंतजार (Rajkumaar Mashkhare)
मनीभाई नवरत्न द्वारा रचित "हाथ फैलाते पथ पर" (hath failate path par)
एक चांद, मेरे चांद से , आज क्यों नाराज है(manibhai navratna)
पूनम दुबे द्वारा रचित "हमारी भाग्य विधाता मां"(hamari bhagya vidhata maa)
युगलकिशोर पटेल द्वारा रचित "समय -देवता"(samay dewta)
गगन उपाध्याय"नैना" द्वारा रचित कोई शब्द नहीं मिल पाये माँ वर्णन जो गाये''(koi shabd nhi mil paye maa varnan jo gaye)
डॉ.सुचिता अग्रवाल द्वारा रचित "अमिय स्वरूपा माँ" (amiy swarupaa maa)
बाबू लाल शर्मा "बौहरा" द्वारा रचित माँ की ममता मान सरोवर(maa ki mamta maan sarovar)
 कुसुम लता पुन्डोरा द्वारा रचित "तू  ही  मेरा  प्रारब्ध  है माँ" (tu hi mera prarabdh hai maa)
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' द्वारा रचित "माँ तेरी ममता का कोई मोल नहीँ"(maa teri mamta ka koi mol nhi)
अभिलाषा द्वारा रचित "माँ तुम दया ममता करुणा की मूरत हो"(maa tum daya mamta karuna ki murat ho)
बाबू लाल शर्मा "बौहरा" द्वारा रचित "ईश्वर  से  पहले   कर   वंदन"(ishwar se pahle kar vandan)
दिल अपना मैने तुझको उपहार दिया है(dil apna maine tujhko uphaar diya hai)
केवरा यदु "मीरा "द्वारा रचित सुन मैंया मोरी राधा से ब्याह करादे (sun maiya mori moru radha se byah kara de)
अविनाश तिवारी द्वारा रचित मां मंदिर की आरती,मस्जिद की अजान है(maa mandir ki aarti,masjid ki ajaan hai)
धरती माता रो रो कर करती  यही पुकार (dhartimata ro ro kar karti yahi pukar)
*मौन* बोलता है(moun bolata hain)
मैं मजदूर हूं किस्मत से मजबूर हूं (main majdoor hun)
हम मजदूर कहलाते हैं(hum majdoor kahlate hain)
हे धरती के भगवान (hey dharti ke bhagwaan)
घर का बादशाह मजदूर हो गया( ghar ka baadshah majdoor ho gya)
नींव की ईंट(Neev ki iit)
हां मैं तो मजदूर हूं(Haa mai to majdoor hu)
झन निकलबे खोंधरा ले (Jhan nikalbe khondhra le)
संत बने जो नेता (saint bane jo neta)
मजदूरी (majdoori par kavita)
इही मोर जिनगानी (ihi mor jingaani)
ढूँढूँ भला खुदा की मैं रहमत(Dhundhu bhala khuda ki main Rahmat)
संवेदना के सुर बजे जब वेदना के तार पर(samvedna ke sur baje jab vedna ke tar par)
सही दिशा मिल जाए तो(Sahi disha mil jaye to)
नहीँ बताई (Nahi batai)
भगवान परशुराम पर कविता(Bhagwaan Parshuram)
परशुराम जयंती पर विशेषरचना(parshuram jayanti par vishesh rachna)
पालन अपना कर्म करो (Palan apna karm karo)
हे सुरूज देंवता अतका झन ततिया(Hey suruj devta atka jhan tatiya)
मुहब्बत में ज़माने का यही दस्तूर होता है
गर्दिश में सितारे हों
प्यार का पहला खत पढ़ने को
श्रम श्वेद
प्यारी पृथ्वी