Showing posts from February, 2019Show All
*श्रावण*
मेरा चांद ना आया (mera chand na aaya)
मनीभाई की तांका
हिम्मत न हार
लाल तुम  कहाँ गये
नैन पर दोहे
छोटी मछली
मेरी मातृभूमि
खामोशी
तिरंगा
मैं हूँ साक्षी(mai hu sakhyi)
ताटंक छंद
मेघदूत
ग़ज़ल
जय हिंद जय भारत
जय जय वीणाधारी
आक्रोश
निःशब्द तो नहीं
हकीकत तब पता चलता है
रंग बसंती संत
जो भारत विरोधी नारा लगाते
शहीद हो गई
छत्तीसगढ़ महतारी
बूढ़ी हो गई हैं स्वेटर
बुढ़ापे से लाभ
वो स्काउट कैम्प है मेरा
अभयदान
हमारा देश
देशभक्ति रचना
बसंत
राष्ट्रवाद
मातृशक्ति
माँ शारदे वंदन
भावना और भगवान
सच में लिपटा झूठ
उत्सव
बसंत
बसन्त
स्वीकारो प्रणाम माँ नर्मदे
सरस्वती वंदना
मातु-वंदन
मेरा दायित्व
पेड़ चालीसा
सुख दुख
जीवन की डगर
उठो सपूत
मंथन
नमन दोहा पंचक
मधुमासी रंग
नाराच ( पंच चामर ) छंद